
आर के एम पावर प्लांट में लापता हुआ सुरेश कुमार टंडन, परिवार में अक्रोश मामला है 27/02/2026

छत्तीसगढ़ जिला सक्ती ब्लाक डभरा के उचपिण्डा आर के एम पावर प्लांट में लापता होने का मामला आया सामने, RKM पावर प्लांट उच्चपिड़ा में कार्यरत सुरेश कुमार टंडन ( 40 वर्ष ) के गुम होने से हड़कंप, सुरेश टंडन ग्राम पंचायत सारसकेला के निवासी बताए जा रहे हैं,
27 फरवरी 2026 की सुबह 5:48 बजे प्लांट में पंचिंग कर
ड्यूटी में किया था प्रवेश,,
ड्यूटी खत्म होने के बाद से अब तक नहीं लौटे घर, मोबाइल में भी नहीं हो पाया संपर्क,,
परिजनों ने चौकी फगुरम में गुमशुदगी की दर्ज कराई रिपोर्ट.घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में चिंता व आक्रोश का माहौल.
परिजन RKM पावर प्लांट के मुख्य गेट के सामने पर बैठे है धरने पर.
प्लांट प्रबंधन से जानकारी और CCTV फुटेज की मांग की जा रही है.
पुलिस मामले की जांच में जुटी, हर पहलू से सुरेश टंडन की तलाश जारी.
सूत्रों के अनुसार जानकारी मिली जिसमें बताया जा रहा है प्लांट के अंदर सीसीटीवी फुटेज पर उसको देखा गया है लेकिन प्लांट से बाहर जाते हुए दिखाई नहीं दिया जा रहा है और और ना ही बाहर निकलने का पंच किया गया है अभी यह कहना सही नहीं होगा कि वह व्यक्ति मृत पाया गया है प्लांट में क्योंकि अभी तक कोई डेड बॉडी साक्ष्य के रूप में प्राप्त नहीं हुई है कोई साक्ष्य सबूत नहीं मिल पाया है जिस कारण आर, के, एम, पावर प्लांट प्रबंधक द्वारा अभी जांच प्रक्रिया चल रही है यही बात सामने आई जब की प्लांट के बाहर लोगों के द्वारा परिजन और जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार की भीड़ दिखाई दी जिसमें आश्वासन दिया गया है प्लांट की तरफ से आज रात और जांच छानबीन करते हैं उसके बाद रविवार को मौखिक रूप से प्लांट के तरफ से विचार व्यक्त किया जाएगा जो कि निर्णय सबके हित के लिए होगा ऐसा ही आश्वासन दिया गया है जबकि पत्रकार प्लांट प्रबंधन से मिलने की कोशिश की तो उनके द्वारा अनुमति नहीं दिया गया जबकि कई बार फोन के द्वारा संपर्क करने की कोशिश किया गया लेकिन प्लांट के अधिकारी अजय शर्मा ने इस घटना के संबंध में कोई भी जवाब देना जरूरी नहीं समझे कहीं ना कहीं संदेह की सुई की कांटा प्लांट प्रबंधन के ऊपर सुई की कांटा घूम के रुक जा रही है यह बहुत बड़ा षड्यंत्र हो सकता है इसलिए प्लांट के भीतर पत्रकार को आने के लिए अनुमति नहीं दिया ऐसा लगता कि कुछ तो है जिसको छुपाया जा रहा है क्योंकि अगर प्लांट के अंदर पत्रकार जाएंगे तो बहुत सी जानकारी को मीडिया के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत करा देंगे इसलिए उन्हें डर लगता है यह भी हो सकता हैजबकि परिजनों की माने तो उनका कहना है हमें कोई राशि नहीं चाहिए हमें सुरेश टंडन चाहिए हमें सुरेश टंडन चाहिए अब देखना यह है खबर प्रकाशित करने के बाद प्लांट प्रबंधक एवं प्रशासन की आंखें खुलती हैं या फिर आगे की खबर बाकी है










